अंतरराष्ट्रीय

आधुनिक हथियारों के निर्माण को और बढ़ावा देकर महाशक्तियों को डरा रहा है किम?

North Korea Missile Test: उत्तर कोरिया लगातार मिसाइल परीक्षण करने में जुटा हुआ है. इस महीने छठी बार मिसाइल परीक्षण (Missile Test) किया गया है जिसकी अब उत्तर कोरिया ने पुष्टि भी कर दी है. तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने देश में युद्ध सामग्री से संबधित कारखानों का दौरा भी किया है और उत्तर कोरिया के नवीनतम हथियारों के परीक्षण की पुष्टि की है. इस महीने अकेले उत्तर कोरिया ने सामरिक निर्देशित मिसाइलों (Tactical Guided Missiles), दो हाइपरसोनिक मिसाइलों (Hypersonic Missiles) का परीक्षण किया है.

उत्तर कोरिया ने हथियारों के ताजा परीक्षणों की पुष्टि की

उत्तर कोरिया स्टेट मीडिया केसीएनए ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर कोरिया ने इस हफ्ते एक उन्नत लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल (Cruise Missile) और एक सामरिक निर्देशित मिसाइल (Tactical Guided Missiles) के एक वारहेड का परीक्षण किया. बताया जा रहा है कि तानाशाह किम जोंग उन ने प्रमुख हथियार प्रणाली का निर्माण करने वाले एक कारखाने का दौरा किया. साल 2022 में उत्तर कोरिया के 6 हथियारों के लगातार परीक्षणों के बाद तनाव बढ़ रहा है. एक महीने में इतनी संख्या संख्या में मिसाइल प्रक्षेपणों के बाद दुनिया के कई देशों ने इसकी निंदा की है.

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किम ने लिया युद्धपोतों के कारखाने का जायजा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग परीक्षणों में शामिल नहीं हुआ लेकिन लेकिन युद्धपोतों के कारखाने के दौरे के दौरान उन्होंने सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के फैसलों को लागू करने के लिए बड़े और आधुनिक हथियारों के उत्पादन में प्रगति की सराहना की. किम ने कहा है कि देश के सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय रक्षा विकास रणनीति को साकार करने में कारखाने का बहुत अहम स्थान है. केसीएनए ने हथियारों या कारखाने के स्थान के बारे में नहीं बताया है. किम ने अंतर्राष्ट्रीय स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का आह्वान किया है.

बाइडेन प्रशासन पर दबाव की रणनीति!

विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षण गतिविधि में उत्तर कोरिया की असामान्य रूप से तेजी परमाणु निरस्त्रीकरण कार्यक्रमों के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रतिबंधों को कम करने के उद्देश्य से लंबे समय से रुकी वार्ता को लेकर बाइडेन प्रशासन पर दबाव बनाना है. बाइडन प्रशासन ने खुली बातचीत की पेशकश की है लेकिन प्रतिबंधों में तब तक ढील देने की कोई इच्छा नहीं दिखाई है जब तक कि किम जोंग उन परमाणु हथियारों और मिसाइलों को छोड़ने के लिए ठोस कदम नहीं उठाते.

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