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मिजोरम के लोगों के कब्जे वाली 200 हेक्टेयर जमीन असम ने मुक्त कराया, हिमंत सरकार ने दी जानकारी

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Assam Mizoram News: असम सरकार ने बुधवार को राज्य विधानसभा को सूचित किया कि उसने कुछ दिन पहले इनर लाइन रिजर्व फॉरेस्ट में 200 हेक्टेयर भूमि को मिजोरम के अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराकर अपने कब्जे में ले लिया है. राज्य सरकार ने पिछले महीने सदन में कहा था कि पड़ोसी राज्य मिजोरम के लोगों ने असम की करीब 1,800 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर रखा है. सीमा क्षेत्र विकास मंत्री अतुल बोरा ने एआईयूडीएफ विधायक सुजाम उद्दीन लस्कर के एक सवाल के जबाव में कहा कि वन विभाग ने असम पुलिस के साथ मिलकर इनर लाइन रिजर्व फॉरेस्ट के अंदर 200 हेक्टेयर भूमि को मुक्त करा लिया है.

बोरा ने यह भी कहा कि मिजोरम के बदमाशों ने इस साल नौ फरवरी को असम के हैलाकांडी जिले के जालनाचेरा गांव में 27 घरों में आग लगा दी थी, जिससे 20 मूल निवासियों के परिवार प्रभावित हुए थे. उन्होंने सदन को आगे बताया कि हैलाकांडी के बिलाईपुर-धालचेरा में 25 जुलाई को कुछ घरों में भी बदमाशों ने आग लगा दी थी. बोरा ने कहा कि हैलाकांडी जिले में, मिजोरम के लोगों ने लंबे समय से करीब 1,000 हेक्टेयर इनर लाइन रिजर्व फॉरेस्ट पर कब्जा कर रखा है.

बारह जुलाई को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने विधानसभा को बताया था कि तीन जिलों में फैली असम की लगभग 1,800 हेक्टेयर भूमि पर मिजोरम के लोगों ने कब्जा कर रखा है. उन्होंने कहा था कि हैलाकांडी में सबसे अधिक 1,000 हेक्टेयर, कछार में 400 हेक्टेयर और करीमगंज में 377.58 हेक्टेयर पर कब्जा कर लिया गया है.छब्बीस जुलाई को कछार जिले के विवादित सीमा क्षेत्र में असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच संघर्ष में असम पुलिस के छह कर्मियों व एक आम नागरिक की मौत हो गई थी और 50 से अधिक अन्य घायल हो गए थे.

बुधवार को एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम द्वारा एक अलग प्रश्न के लिखित उत्तर में, बोरा ने कहा कि असम मेघालय के साथ 884.9 किमी, अरुणाचल प्रदेश के साथ 804.1 किमी, नागालैंड के साथ 512.1 किमी, मणिपुर के साथ 204.1 किमी, मिजोरम के साथ 164.6 किमी, पश्चिम बंगाल के साथ 127 किमी और त्रिपुरा के साथ 46.3 किलोमीटर की सीमा साझा करता है. मंत्री ने सदन को सूचित किया कि असम की बांग्लादेश के साथ 267.5 किमी लंबी और भूटान के साथ 265.8 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा भी है.

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