उत्तर प्रदेश

Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खनन सामग्री से ओवरलोडेड ट्रकों को छोड़ने को कहा !

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Dehradun News: उत्तराखंड में जितना हो जाय उतना ही कम है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पीआरओ (जन संपर्क अधिकारी) नंदन सिंह बिष्ट ने बागेश्वर के पुलिस अधीक्षक को अपने लेटर हेड पर एक पत्र लिखा है, पत्र में मुख्यमंत्री के मौखिक आदेशों का हवाला देते हुए पुलिस द्वारा किये गए एक वाहन का चालान निरस्त करने को कहा गया है. गंभीर बात यह है कि ये तीनों वाहन बड़े ट्रक हैं और तीनों को खड़िया की खनन सामग्री से ओवरलोडेड होने के चलते पकड़ा गया. सीएम ऑफिस से इनका चालान निरस्त करवाने के लिए भेजी गयी चिट्ठी कांग्रेस को एक नया मुद्दा दे सकती है, क्योंकि प्रदेश में अवैध खनन को लेकर कांग्रेस व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पहले से ही मुख्यमंत्री पर हमलावर हैं.

सभी लोग यह बात अच्छी तरह से समझते हैं कि किसी वाहन का चालान करना एक ऑपरेशनल क़ानूनी प्रक्रिया है. इस प्रक्रिया में किसी राजनेता, मुख्यमंत्री मंत्री या किसी बड़े अफसर का लिखित में किसी के पक्ष में कार्यवाही किये जाने को कहना गैरकानूनी होने के साथ ही अपने पद और अधिकारों का बेजा इस्तेमाल करना माना जाता है. और नैतिक तौर भी इसे सही नहीं माना जाता. ऐसा ही एक वाकया मुख्यमंत्री कार्यालय में हुआ. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पीआरओ (जन संपर्क अधिकारी) नंदन सिंह बिष्ट ने बागेश्वर के पुलिस अधीक्षक को अपने लेटर हेड पर एक पत्र लिखा है, पत्र में बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के मौखिक निर्देशानुसार मुझे यह कहने का आदेश हुआ है कि 29.11.2021 को बागेश्वर यातायात पुलिस द्वारा वाहन संख्या यूके 02-सीए 0238, यूके 02-सीए 1238 और यूके 04-सीए 5907 का किया गया चालान निरस्त करने का कष्ट करें.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पीआरओ का यह लैटर सामान्य नहीं है, और इसमें मुख्यमंत्री क्या चाहते हैं और क्या निर्देश दिए हैं यह भी सामान्य नहीं है, यह लैटर इस बात का गवाह है कि प्रशासनिक और क़ानूनी कार्रवाई में किस तरह से हस्तक्षेप किया जा सकता है, यदि इस लैटर में जांच कर उचित कदम उठाने के निर्देश दिए जाते तो भी ठीक था, लेकिन इसमें तो सीधे यह बताया गया है कि मुख्यमंत्री जी के आदेश हैं इसलिए इन वाहनों के चालान को निरस्त कर कर दें. 

खड़िया के खनन से ओवरलोडेड थे तीनों वाहन
जिन वाहनों का चालान निरस्त करवाने की सिफारिश मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनके पीआरओ नंदन सिंह बिष्ट ने बागेश्वर के पुलिस अधीक्षक से की है वो तीनों वाहन खड़िया से भरे थे और ओवरलोडेड थे. सभी जानते हैं कि बागेश्वर अल्मोड़ा में खड़िया का व्यापक पैमाने पर खनन होता है. पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पत्र में जिन तीन वाहनों का उल्लेख है उन्हें पुलिस ने खड़िया से ओवरलोडेड होने के कारण पकड़ा था, तीनों को एआरटीओ को भेज दिया है अब यह मामला एआरटीओ ऑफिस या न्यायलय से ही निस्तारित होगा.

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