खेल-खिलाड़ी

रिकी पोंटिंग ने राहुल द्रविड़ के भारत का कोच बनने पर जताई हैरानी, कहा- मुझे भी मिला था ऑफर

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

Ricky Ponting on Rahul Dravid: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने गुरुवार को खुलासा किया कि उन्हें टीम इंडिया के कोच पद के लिए संपर्क किया गया था, लेकिन उन्होंने इसके लिए मना दिया था, क्योंकि उनके पास समय का अभाव था. साथ ही पोंटिंग ने राहुल द्रविड़ के टीम इंडिया का हेड कोच बनने पर हैरानी भी जताई.

पोंटिंग ने ग्रेड क्रिकेटर पॉडकास्ट पर कहा कि उन्होंने आईपीएल के दौरान इस बारे में कुछ लोगों से बातचीत की थी. वर्तमान में दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच पोंटिंग के मुताबिक, “मैंने जिन लोगों से बात की, वे मेरे साथ काम करने के लिए बेहद उत्सुक थे. लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं इतना समय नहीं दे सकता.”

वहीं पोंटिंग इस बात से हैरान हैं कि राहुल द्रविड़ टीम इंडिया के मुख्य कोच बने. पोंटिंग के अनुसार, “मैं बहुत हैरान हूं कि द्रविड़ ने यह काम अपने हाथ में लिया है. मैं उनके पारिवारिक जीवन के बारे में नहीं जानता, लेकिन मुझे पता है कि उनके छोटे बच्चे नहीं हैं. इसलिए वह कोच बनने को तैयार हो गए, जैसा कि मैंने कहा.” बुधवार को जयपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 में पांच विकेट की जीत ने भारतीय सीनियर टीम के साथ द्रविड़ के कोचिंग कार्यकाल की शुरूआत की.

2023 विश्व कप तक कोच रहेंगे द्रविड़

राहुल द्रविड़ को भारत में 2023 में होने वाले 50 ओवर के विश्व कप तक दो साल के लिये टीम इंडिया का हेड कोच नियुक्त किया गया है. द्रविड़ बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह की पहली पसंद थे, जिन्होंने दुबई में उनसे बात कर इस पद के लिये आवेदन करने के लिये राजी किया था. द्रविड़ के आवेदन करने के बाद बीसीसीआई को किसी अन्य आवेदन को देखने की जरूरत ही नहीं पड़ी.

भारत के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक 48 वर्षीय द्रविड़ छह सालों तक भारत ए और अंडर-19 प्रणाली के प्रभारी रहे. उनकी देखरेख में ऋषभ पंत, आवेश खान, पृथ्वी शॉ, हनुमा विहारी और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों ने जूनियर स्तर से राष्ट्रीय टीम का सफर तय किया है. 

Aamawaaz

Aam Awaaz News Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2018. The proud journey since 3 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2018.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button