अंतरराष्ट्रीय

रूस, चीन ने किया हवाई क्षेत्र का उल्लंघन, जानें क्या रही कोरियाई सेना की जवाबी प्रतिक्रिया?

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<p style="text-align: justify;"><strong>Air Space Violation:</strong> दक्षिण कोरियाई सेना ने शुक्रवार को मीडिया में बयान जारी करते हुए कहा कि उसने दो चीनी और सात रूसी युद्धक विमानों द्वारा उसके ( दक्षिण कोरिया) &nbsp;वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (KADIZ) में घुसपैठ करने के बाद अपने लड़ाकू जेट विमानों को प्रतिक्रिया स्वरुप उनके सामने उतारा, जिसे बीजिंग ने नियमित प्रशिक्षण कहा था. सियोल के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने बताया कि चीन और रूस के विमान उनके (कोरिया) एयर स्पेस में घुस गए थे. स्थानीय समय के अनुसार वह वहां पर लगभग तीन मिनट तक मौजूद थे. ऐसे में &nbsp;उनको चेतावनी देते हुए कोरियाई वायू सेना को नियमानुसार अपनी जवाबी प्रतिक्रिया देनी पड़ी थी. उन्होंने आगे कहा कि किसी तरह की आकास्मिक स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने अपने लड़ाकू जेट और हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर भेजे थे. चीनी सेना ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उसके विमान नियमित अभ्यास कर रहे थे.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आखिर क्या है K-ADIZ?&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">एयर डिफेंस आईडेटिफेकशन जोन यानी हर देश का विशिष्ट वायु रक्षा पहचान क्षेत्र होता है. यह एक ऐसा क्षेत्र है जो किसी देश को अपने संप्रभु हवाई क्षेत्र में संभावित घुसपैठ का पता लगाने में मदद करता है. यह किसी भी देश को दूसरे देश के वायु क्षेत्र में घुसपैठ से रोकनेै कीए एक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली प्रदान करता है. जब कोई विमान बिना किसी चेतावनी के ADIZ में प्रवेश करता है, तो संबंधित देश उस &nbsp;विमान की पहचान करने के लिए अपने लड़ाकू विमानों को प्रतिक्रिया स्वरुप इंगेज करने के लिए भेज सकता है और यह निर्धारित कर सकता है कि इससे संबंधित देश को कोई खतरा &nbsp;तो नहीं है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">गौरतलब है कि विभिन्न वायु रक्षा पहचान क्षेत्रों (एडीआईजेड) पर परस्पर विरोधी दावों के बीच हाल के वर्षों में चीनी और रूसी युद्धक विमानों ने अक्सर कोरिया के इस वायु क्षेत्र में प्रवेश किया है. हालांकि अभी तक एडीआईजेड को नियंत्रित करने कोई अंतरराष्ट्रीय कानून नहीं बना है. वहीं मास्को KADIZ को मान्यता नहीं देता है, जबकि बीजिंग ने कहा कि यह क्षेत्र प्रादेशिक हवाई क्षेत्र नहीं है और सभी देशों को वहां आवाजाही करने की पूर्ण स्वतंत्रता है.</p>

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